Description
प्रस्तुत पुस्तक भारतीय राष्ट्रीय स्वतंत्रता आन्दोलन के क्रान्तिकारी आन्दोलन के 1920 से लेकर 1937 तक के कालखण्ड का विस्तृत एवं प्रामाणिक इतिहास है। यह निर्विवाद सत्य है कि क्रान्तिकारी आन्दोलन में हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन की विशिष्ट भूमिका रही है। यह पहला क्रान्तिकारी दल था जिसने स्पष्ट रूप से समाजवादी चिन्तन को जनता के सामने रखा तथा किसानों और मजदूरों को संगठित करने की बात की। प्रादेशिक सीमाओं को लांघकर हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन का अंतरप्रवाह अन्य राज्यों को भी स्पन्दित करने लगा जिससे उसका अन्तरप्रान्तीय स्वरूप अभिव्यक्त हुआ। 1928 में हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के नाम में सोशलिस्ट शब्द जोड़कर दल का उद्देश्य स्पष्ट किया गया।
पुस्तक न केवल दल की क्रान्तिकारी घटनाओं की जानकारी देती है वरन् क्रान्तिकारी चिन्तन पर भी समुचित प्रकाश डालती है। पुस्तक में क्रान्तिकारी आन्दोलन की पृष्ठभूमि में देश की उन क्रान्तिकारी गतिविधियों की भी चर्चा की गयी है जो परोक्ष या अपरोक्ष रूप से हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन से सम्बद्ध रही हैं।
आशा है यह ग्रन्थ छात्रों, प्राध्यापकों, अनुसंधानकर्ताओँ तथा आम पाठकों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। इसके माध्यम से उन्हें हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन की क्रान्तिकारी गतिविधियों की विस्तृत, क्रमबद्ध प्रमाणित व तथ्यपरक जानकारी मिलेगी।


![Rich Dad Poor Dad [Hindi translation of 'Rich Dad Poor Dad'] (Hindi) By Robert T. Kiyosaki (9788186775219)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788186775219.jpg)



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