Description
हिंदी बाल साहित्य का पर्याय कहे जानेवाले प्रकाश मनु बच्चों के सिरमौर कथाकार हैं, जिनकी कहानियों और उपन्यासों को बच्चे खोज-खोजकर पढ़ते हैं। देश के कोने-कोने में फैले हजारों बच्चे उनके प्रशंसक हैं, जिन्हें मनुजी की कहानियों और नटखटपन से भरे उपन्यासों का इंतजार रहता है। उन्हें वे बड़ी दीवानगी से पढ़ते हैं, मन-ही-मन सराहते और आनंदविभोर हो उठते हैं।
‘किस्सा चमचम परी और गुडि़याघर का’ प्रकाश मनुजी के बाल उपन्यासों का ताजा संग्रह है, जिसमें बच्चों के लिए लिखे गए उनके तीन रोचक और बहुरंगी उपन्यास शामिल हैं—‘किस्सा चमचम परी और गुडि़याघर का’, ‘फागुन गाँव का बुधना और निम्मा परी’, तथा ‘सब्जियों का मेला’। ये तीनों इतने रसपूर्ण उपन्यास हैं, कि बच्चे एक बार पुस्तक हाथ में लेंगे, तो पूरा पढ़े बगैर छोड़ नहीं पाएँगे।
प्रकाश मनुजी उस्ताद किस्सागो हैं, इसीलिए उनके बाल उपन्यासों में किस्सागोई का जादू पाठकों पर इस कदर तारी होता है कि लगता है, उपन्यास के पात्र सजीव होकर, उनके आसपास ही साँस ले रहे हैं। फिर इन तीनों उपन्यासों में धरती की सुंदरता की बड़ी अद्भुत छवियाँ हैं, जो बाल पाठकों को खूब लुभाएँगी और आनंदमग्न कर देंगी।
बेशक, प्रकाश मनुजी के बाल उपन्यासों की यह दिलचस्प पुस्तक बच्चों और बाल साहित्यकारों के लिए एक अनमोल उपहार से कम नहीं है, जिसे वे हमेशा सँजोकर रखेंगे।


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