Description
योग’ इस युग में सबसे अधिक प्रयोग में लाया जानेवाला शब्द बन गया है। बीते पच्चीस वर्षों में इसका उपयोग विभिन्न विचारों और अर्थों को व्यक्त करने के लिए किया गया। उनमें से इसका सबसे अधिक प्रयोग शारीरिक व्यायाम के लिए किया गया है। यौगिक अभ्यासों पर फिलहाल जितनी भी पुस्तकें हैं, वे योग को महज धीमे जिमनास्टिक के रूप में प्रस्तुत करती हैं। योग पर कुछ और पुस्तकें भी हैं, जो इस विधा को पूरी तरह से हिंदू परंपरा में ढालती हैं, जिसे स्वीकार करना कई लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है। उन्हें एक ओर यौगिक मुद्राओं को करने में शारीरिक कठिनाई आती है तो दूसरी ओर वे योग के दार्शनिक पहलू को नहीं समझ पाते। इस पुस्तक में दिए गए यौगिक अभ्यास का कोर्स पूरी तरह मौलिक है। यही नहीं, इसे अच्छा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य देने के मूल उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस पुस्तक में, दैनिक जीवन के सभी पहलुओं, शरीर की दशाओं तथा हम सब के अस्तित्व से जुड़ी मानसिक स्थितियों का खयाल रखा गया है। यह पुस्तक किसी एक निश्चित आयु वर्ग को ध्यान में रखकर नहीं लिखी गई है, वरन् यह सबके लिए उपयोगी है। स्वस्थ शरीर और मन के लिए योग का व्यावहारिक उपयोग बताती एक संपूर्ण पुस्तक।.






Reviews
There are no reviews yet.