Description
चाणक्य और चंद्रगुप्त ऐसे नाम हैं जिनके बिना भारतीय इतिहास और राजनीति का वर्णन अधूरा है। भारत में तो चाणक्य नीति को ही वास्तविक राजनीति माना जाता है और मगध नरेश के महामंत्री कौटिल्य की कूटनीति जगप्रसिद्ध है। चाणक्य ने मगध के राज दरबार में हुए अपने अपमान के कारण नंद वंश का समूल नाश करने की प्रतिज्ञा की, और षड्यंत्र रच कर मगध नरेश धनानंद एवं उसके आठ पुत्रों की हत्या कराने के पश्चात चंद्रगुप्त को पाटलिपुत्र के सिंहासन पर विराजमान करा दिया।
हरि नारायण आप्टे ने अपने इस उपन्यास में इतिहास के इस काल का दर्शन कराते हुए चाणक्य और चंद्रगुप्त के बारे में कई ऐसे तथ्य प्रस्तुत किए हैं जिनसे इस पुस्तक की रोचकता बड़ी है।






Reviews
There are no reviews yet.