Description
रविभूषण अपने समय और समाज के ज्वलन्त मसलों और सवालों से टकराते हैं, साथ ही राजनीति और प्रशासन के बीच व्याप्त भ्रष्टाचार और आपराधिक अवसरवाद पर गंभीर प्रश्न भी खड़े करते हैं। उनका अधिकांश लेखन, विशेष रूप से इस संकलन में शामिल आलेख, एक सजग और ईमानदार पत्रकार के लिखे जैसा ही है। फिर भी, इन्हें पत्रकारिता या पत्रकारीय लेखन के दायरे में नहीं रखा जा सकता। यह इससे कुछ अलग और अधिक है। इस संग्रह में 16 मई 20१४ के बाद से अबतक की घटनाओं पर केन्द्रित आलेख शामिल हैं।





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