Description
भारतीय समाज विभिन्न सजातीय, धार्मिक, भाषायी और क्षेत्रीय समूहों का न केवल एक संकलन है वरन् प्रत्येक समूह अपनी ऐतिहासिक और सामाजिक-सांस्कृतिक विशेषताओं में विभेदीकरण के सन्दर्भ में बहुत जटिल भी है। प्रस्तुत पुस्तक में भारतीय समाज की संरचना और प्रक्रियाओं को विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण प्रदान करने का प्रयास किया गया है। इसमें भारतीय समाज के उद्विकास के साथ-साथ सुधार आन्दोलनों पर भी प्रकाश डाला गया है। एकता और विभिन्नता के प्रतिमानों के विश्लेषण द्वारा यह भी प्रयास किया गया है कि पाठकों को भारतीय समाज में हुये परिवर्तनों के सम्बन्ध में समुचित ज्ञान प्राप्त हो। आशा है, यह पुस्तक विकास और परिवर्तन के परिप्रेक्ष्य में भारतीय समाज को विस्तारपूर्वक समझने में सहायक होगी।




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