Description
भारतीय स्वाधीनता आंदोलन के मुख्यतः दो पक्ष हैं। पहला, नर्म-पक्ष जिसका नेतृत्व हम राजभक्त गोपालकृष्ण गोखले के हाथों में मान सकते हैं। दूसरा गर्म पक्ष जिसके नेता राष्ट्रवादी बाल गंगाधर तिलक थे। गोखले को एक तरह से महात्मा गांधी का राजनीतिक गुरु होने का सम्मान प्राप्त है और प्रेमचंद की लगभग सभी स्वराजवादी कहानियों का कथ्य गाँधीवादी आंदोलन से प्रभावित नजर आता है; तथापि वैचारिक स्तर पर वह राजभक्ति के बजाय राष्ट्रभक्ति के पक्षधर हैं…


![Business School [Hindi translation of 'The Business School'] By Robert T. Kiyosaki (9788186775820)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788186775820.jpeg)



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