Description
विश्व के महान कथा – शिल्पी प्रेमचंद के मानसरोवर के आठों भागों समेत उनकी सम्पूर्ण कहानियां अब पांच भागों में प्रस्तुत की गई हैं। इस खण्ड में उनकी प्रसिद्ध कहानी कफ़न को लिया गया है। कफ़न कामचोर व्यक्तियों के चरित्र को बखूबी उजागर करती है। घीसू और माधव कामचोर हैं और माधव की पत्नी बुधिया कमाकर उनका पेट भरती है। प्रसव – वेदना से पीडि़त वह इनकी लापरवाही के कारण मर जाती है। कफ़न के लिए पास में पैसे न होने के कारण घीसू और माधव मांगकर लाते हैं, लेकिन उस पैसे से भरपेट भोजन करते हैं और शराब पीते हैं। बुधिया की लाश बगैर कफ़न के ही रह जाती है। व्यक्ति की अमानवीय मनोवृत्तियों पर तीखा प्रहार करती है यह कहानी। इसी के साथ प्रेमचंद की अन्य श्रेष्ठ कहानियां भी दी गई हैं, जो प्रेरक भी हैं और बेहद रोचक भी। कथा – सम्राट के गौरव से विभूषित संसार में अग्रणी कथाकारों में प्रतिष्ठित प्रेमचंद की कहानियों का यह खण्ड सम्पूर्ण रूप से मूल पाठ है। यशस्वी साहित्यकार अमृतराय के निर्देशन में संपादित संस्करण है यह।






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