Description
प्रस्तुत पुस्तक ‘उजली आग’ राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की अनुपम कृति है जिसमें 38 बोध कथाओं का समावेश किया गया है। आदमी का देवत्व, बीज बनने की राह, धर्म लोगे धर्म? गुफावासी, दो ध्रुव, अफसर और पैगम्बर, उजला हाथी और गेहूं के खेत, रहस्यवादी, जीवन का बोझ, नर-नारी, माया की रचना, नारी की रुचि, ला बेल दाम सांस मर्स, अर्धनारीश्वर, कवि, नूतन काव्यशास्त्रा, कला और आचार, मन्दिर की वेदी, नदी के पार की आग, कलाकार, बनिया और किसान, ईर्ष्या, मृत्यु, अन्तिम दृश्य, संसार का इतिहास, मृत्यु के बाद, आशा और निराशा, पत्थर के दूसरी ओर, पराजय, फूल की आरी, निर्माता और विजेता, वीर, विश्वपालक, यमराज का साला, तेज औजार का भय, सपनों का सपना, रूठी हुई आत्माएँ, मन का पाप, खंडन का सुख, सुकरात का मकान, साहसी माता, घोड़ा और ऊँट, ऊँचाई के गीत, कौवा और बाज, चाँद और सूरज, शासन और राजनीति आदि बोधकथाएँ में सम्मिलित है। आशा है यह पुस्तक पाठकों को एक नया संदेश देने में सहायक सिद्ध होगी।






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