Description
जब शायर कोई बात कह रहा होता है तो कहे का ज़ाविया बदलकर उसे छुपा भी रहा होता है और इस खेल में जो बाँकपन पैदा होता है वही शायरी का हुस्न है। जहाँ यह बाँकपन नहीं, वहाँ शायरी नहीं। कई बार शायर बस एक तिनका छिपाता है और पढ़ने वाले उसमें पूरा जंगल खोज लेते हैं। आप जब संग्रह के पन्नों से गुज़रेंगे तो आपकी मुलाक़ात शायर के छुपाए मा’नियों से भी होगी और उनसे भी जो आपके भीतर पोशीदा हैं। यह एक ऐसे शायर के कलाम की किताब है जिसने न सिर्फ़ सारी दुनिया देखी है बल्कि बदलावों से भरे पिछले साठ-सत्तर साल भी।


![21vi Sadi Ka Vyavasay [Hindi translation of 'The Business of the 21st Century'] (Hindi) By Robert T. Kiyosaki (9788183222617)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788183222617.jpeg)



Reviews
There are no reviews yet.