Description
यशस्वी साहित्यकार अमृतलाल नागर की यह कृति ‘गदर के फूल’ सत्तावनी क्रान्ति संबंधी स्मृतियों और किंवदंतियों का प्रामाणिक दस्तावेज़ है। भारत की स्वतन्त्रता के लिए 1857 में क्रान्ति की एक चिंगारी भड़की थी जिसे अंग्रेज़ों ने ‘गदर’ का नाम दिया था। उस काल के व्यक्ति अब छीजते जा रहे हैं। उन्हीं स्मृतियों को नागर जी ने इस पुस्तक में संजोया है। अवध में घूम-घूमकर, उस काल के प्रत्यदर्शी लोगों के संस्मरणों के माध्यम से तथा अन्य उपलब्ध ऐतिहासिक प्रमाणों को आधार बनाकर नागर जी ने इस पुस्तक की सामग्री का संचयन किया है।





![Business School [Hindi translation of 'The Business School'] By Robert T. Kiyosaki (9788186775820)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788186775820.jpeg)
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