Description
`परख` जैनेन्द्र कुमार का कालजयी उपन्यास है। यह परख कोई साथ बरस पहले लिखी गयी थी। इसमें नये-नये प्रयोग हुए। नये रंग खिलेंगे, नये निखार आएँगे। विद्यार्थियों के समक्ष उसे होना है, पाठ्य के रूप में। -जैनेन्द्र कुमार
About the Author:
त्यागपत्र, कल्याणी, सुखदा, परख और सुनीता जैसी महत्त्वपूर्ण कृतियों के प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक कथाकार जैनेन्द्र कुमार अपनी लेखनी से भारतीय सामाजिक तथा राजनीतिक परिवेश में भी गहरी दखल रखते हैं।






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