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Khalil Zibran Ki Lokpriya Kahaniyan (Hindi) (9789350482780)

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संसार के श्रेष्‍ठ चिंतक-महाकवि के रूप में विश्‍व के हर कोने में ख्याति प्राप्‍त करनेवाले, देश-विदेश भ्रमण करनेवाले, खलील जिब्रान अरबी, अंग्रेजी, फारसी के ज्ञाता, दार्शनिक और चित्रकार भी थे । उन्हें अपने चिंतन के कारण समकालीन पादरियों और अधिकारी वर्ग का कोपभाजन बन देश निकाले का दंश झेलना पड़ा । खलील जिब्रान का खलील जिब्रान का जन्म 6 जनवरी 1883 को लेबनान के ‘ बथरी ‘ नगर में एक संपन्न परिवार में हुआ । 12 वर्ष की आयु में ही माता-पिता के साथ बेल्ज‌ियम, फ्रांस, अमेरिका आदि देशों में भ्रमण करते हुए 1912 में अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्थायी रूप से बस गए । उनकी रचनाएँ 22 से अधिक भाषाओं में देश-विदेश में तथा हिंदी, गुजराती, मराठी, उर्दू में अनूदित हो चुकी हैं । उनके चित्रों की प्रदर्शनी भी कई देशों में लगाई गई, जिसकी सभी ने मुक्‍तकंठ से प्रशंसा की । वे ईसा के अनुयायी होकर भी पादरियों और अंधविश्‍वास के कट्टर विरोधी रहे । देश से निष्कासन के बाद भी अपनी देशभक्‍त‌ि के कारण अपने देश हेतु सतत लिखते रहे । 48 वर्ष की आयु में कार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होकर 10 अप्रैल, 1931 को उनका न्यूयॉर्क में ही देहांत हो गया ।

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