Description
महाकवि भवभूति द्धारा रचित उत्तररामचरित संस्कृत साहित्य की अमूल्य निधि है । रामायण के (उत्तरकाण्ड) कथानक को लेकर भवभूति ने अपनी प्रतिभा का सृजन किया । सार्थकता और संवादों को स्वाभाविकता इस नाटक की प्रमुख विशेषता है । मानवहृदय की वेदना को भवभूति ने बडी ही खूबसूरती से व्यक्त किया है । अपने पति श्रीराम द्धारा त्यागी नई सीता का मार्मिक वर्णन पढकर पाठक बरबस भावुक हो उठता है ।


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