Description
“भारतीय ज्ञान-परंपरा का विश्व-बोध वसुधैव कुटुम्बकम की भावना पर टिका हुआ है। इसके अतिरिक्त ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ समस्त मानवता के लिए मार्गदर्शन करती है। इन्हीं सब विचारों के कारण भारतीय ज्ञान का प्रसार और प्रभाव वैश्विक स्तर पर देखा जा सकता है। भारतीय ज्ञान-परंपरा ने दर्शन, अध्यात्म और योग के क्षेत्र में ही दुनिया को प्रभावित नहीं किया है, बल्कि कला और साहित्य को भी प्रभावित किया है। यहाँ की कला और साहित्य मानवता का संदेश देते हैं। अपने इसी वैशिष्ट्य के कारण यह समस्त संसार का सिरमौर बना। इसकी मानवतावादी दृष्टि ने सकल विश्व को प्रभावित किया है।
भारतीय कला और साहित्य ने यहाँ के समाज और संस्कृति को तो आकार दिया ही, वैश्विक संस्कृतियों को भी प्रभावित किया है। रामायण और महाभारत ने तो दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की संस्कृति को आकार देने तथा उसे गढ़ने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारतीय संस्कृति के अनिवार्य अंग ‘राम’ के चरित्र में धर्म और करुणा का तत्त्व विद्यमान है। उनके चरित्र ने भारतीय समाज सहित अन्य समाजों के लिए भी आदर्श प्रस्तुत किया।”





![Rich Dad Poor Dad [Hindi translation of 'Rich Dad Poor Dad'] (Hindi) By Robert T. Kiyosaki (9788186775219)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788186775219.jpg)
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