Description
यह पुस्तक है जमीला कि और यह है उनकी अपनी कहानी उन्हीं की जुबानी! शायद ही कभी किसी सेक्स वर्कर ने अपने जीवन की कहानी इतने बेजिजक और बेबाक तरीके से कही हो! एक बेटी, पत्नी, माँ, व्यवसायिक महिला और सोशल वर्कर भी ये उनके सभी पैलू उनकी आत्मकथा में उभरकर आयें हैंl यह आत्मकथा कभी हॅसाती है तो कभी रुलाती है और कभी अपने दर्दनाक सच से आपको ज़कज़ोर कर रख देती है!






Reviews
There are no reviews yet.