Description
डा. मुल्कराज आनंद का विश्वविख्यात उपन्यास, जो प्रेमचन्द की कथा-परम्परा को हमारे समय तक लाता है…हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा इलाके के एक अनाथ-विपन्न ग्रामीण किशोर के जीवन-संघर्ष की मार्मिक गाथा, जो सच के बहुत करीब है…सीधे समाज से लिए गए सजीव चरित्र, जो ब्रिटिशकालीन भारत के सामाजिक यथार्थ को, स्वातन्त्र्योत्तर भारत के सामाजिक यथार्थ से जोड़ते हैं..यथार्थवादी दृष्टि से रचा गया एक अत्यन्त






Reviews
There are no reviews yet.