Description
प्रस्तुत पुस्तक मधुकर उपाध्याय का पंचतन्त्र है, विष्णु शर्मा के पंचतन्त्र का अविकल अनुवाद नहीं। इसमें अपने समय, समाज के अनुरूप कथाओं का चयन है और चयनित कथाओं को प्रस्तुत किया गया है। यह इसी कारण आज के पाठकों और अध्येताओं के लिए अद्यतन और ज़रूरी टेक्स्ट बनता है। मधुकर उपाध्याय के चयन के आधार हैं-धन, प्रबन्ध, नीति, रणनीति। ये आधुनिक जीवन के अनिवार्य प्रसंग हैं।






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