Description
हिंदी के जाने-माने लेखक रांगेय राघव का उपन्यास ‘पथ का पाप’ एक कालजयी रचना है। अपनी अन्य कृतियों की तरह अपने उपन्यास के लिए भी उन्होंने ग्रामीण परिवेश को ही आधार बनाया है।
ग्रामीण में व्याप्त अन्धविश्वास और धार्मिक आडम्बरों को रेखांकित करने के साथ-साथ लेखक ने पारिवारिक संबंधों पर आधुनिकता के प्रभाव को भी बखूबी दर्शया है।






Reviews
There are no reviews yet.