Description
इस पुस्तक का उद्येश्य समाजवाद की सैद्धान्तिक व्याख्या करना नहीं हैं। यह पुस्तक इसलिए लिखी गयी है कि राष्ट्रीय आन्दोलन के वर्तमान चरण में उभरी कुछ समस्याओं, और इस आन्दोलन की भावी दिशा से सम्बन्धित मसले पर प्रकाश डाला ज सके।
About the Author:
जयप्रकाश नारायण (11 अक्टूबर 1902-8 अक्टूबर 1979) भारत की उन महान शख्सियतों में शामिल हैं जिन्होंने स्वाधीनता आन्दोलन में बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी और आजादी के बाद सार्वजनिक जीवन तथा विमर्श को गहराई से प्रभावित-आलोड़ित किया। 1942 की अगस्त क्रान्ति के वह महानायक थे।






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