Description
योगेश कुमार द्वारा लिखा उपन्यास ‘एक उलझी सी कहानी’ की कहानी दिल्ली के उन गाँवों की है जो दो-तीन दशकों के दौरान शहरीकृत गाँव बने हैं। कहानी तीन किरदारों के आस-पास घूमती है। प्रिया, जो एक किरायेदार है और गार्गी कोलेज में पढ़ रही है। वह मुनिरका में रहती है। राघव, जो पैंतीस साल का अधेड़ उम्र का व्यक्ति है, जिसे प्रिया प्यार करती है। रितु राघव कि पत्नी है। राघव प्रिया से प्यार तो करता है पर शादी नहीं कर सकता है या करना नहीं चाहता है। रितु को राघव और प्रिया के प्यार के बारे में कुछ पता नहीं है। वह महीने में एक बार अपने पति के शराब पीने पर भी झगड़ पड़ती है। अगर उसे पता चल जाए कि उसके पति का चक्कर किसी से चल रहा है तो क्या हो। बस इसी की कहानी है ‘एक उलझी सी कहानी’।. About the Author योगेश कुमार एक साधारण परिवार में रहते हैं। इनकी पढ़ाई भी साधारण ही रही थी। योगेश में कल्पना करने की शक्ति बचपन से ही थी, इसलिए ये कहानियाँ सोच लेते हैं। किताबें पढ़ना इन्हें खूब पसंद है। जब भी समय मिलता है तो इन्हें बस एक ही काम सूझता है- किताब पढ़ना। योगेश अपने जीवन में जो कुछ अनुभव करते हैं, कभी भी किसी अलहदा किरदार के बारे में जानते या समझते हैं तो उसके बारे में गहन चिंतन करने लगते हैं और कहानी बनने लगती है। फिर उस कहानी को लिखने का मन बना लेते हैं। यह कहानी भी उनकी कल्पनाओं का ही एक हिस्सा है।






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