Description
दुनिया में वजन घटाने के लिए सैकड़ों पुस्तकें और खान-पान के तरीके हैं, तो फिर एक और पुस्तक की जरूरत क्यों?, आयुर्वेद के जरिए वजन घटाने की जरूरत क्यों है? जरूरत है, क्योंकि आयुर्वेद में न केवल शरीर के साम्य पर ध्यान दिया गया है, बल्कि इसमें समग्र स्वास्थ्य के लिए मन के तीनों आयामों के संतुलन को भी बेहद महत्त्वपूर्ण बताया गया है। कई मामलों में मनोवैज्ञानिक कारणों से भी वजन बढ़ता है, इसलिए इनकी भी जानकारी महत्त्वपूर्ण है। लालच के कारण बहुत ज्यादा खाने लगना मानसिक विकार है। इस पुस्तक में वजन बढ़ाने में अहम भूमिका निभानेवाले मनोवैज्ञानिक कारकों की भी चर्चा की गई है। ये आपको अधिक खाने से होनेवाली समस्याओं के प्रति जागरूक तो करेंगे, लेकिन उनका समाधान नहीं देंगे। मन की गतिविधियों में साम्य सत्त्व (मन की पवित्रता और स्थिरता) कायम रखना चाहिए। आयुर्वेदिक अभ्यासों और योग तथा अन्य अभ्यासों के अंतर्संबंधित शोध और संकलन से यह पुस्तक अन्य मौजूदा पुस्तकों और तरीकों से अलग है। वजन घटाने का मतलब अनचाहे वजन के बोझ से छुटकारा पाकर अधिक स्फूर्त और चुस्त महसूस करना है। आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान पर आधारित यह पुस्तक लंबे समय से चली आ रही शरीर के वजन और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का सहज समाधान उपलब्ध कराएगी।.


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