Description
काव्यों में नाटक सुन्दर माने जाते हैं; नाटकों में अभिज्ञान शाकुन्तल सबसे श्रेष्ठ है शाकुन्तल में भी चौथा अंक और उस अंक में भी चार शलोक अनुपम हैं। एक अनुभवी और विद्वान आलोचक के इस कथन के बाद अभिज्ञान शाकुन्तल के बारे में और क्या कहा जा सकता है! भारत की गौरवशाली और समृद्ध परम्परा, सांस्कृतिक वैभव, प्रकृति के साथ मानवीय अंतरंगता, यहां तक कि वन्य जीवों के साथ भी बन्धुत्व की भावना-इन सबका महाकवि कालिदास ने इस नाटक में जैसा वर्णन किया है, वह वास्तव में अनुपम है।


![Shakti Ke 48 Niyam [Hindi translation of '48 Laws of Power'] By Robert Greene (Hindi) (9788184081039)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788184081039.jpeg)



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