Description
Bonsai Sapne बोनसाई सपने (Hindi) By Durga Sharma (9788187763916)
मेरी कविताएं और ये किताब
जो बेवजह हो
उस लगाव को समर्पित
हृदय के किसी कोने में दबे-छिपे
हर भाव को अर्पित
अनकही बेचैनी के नाम
हर जिरह में दिमाग से जीतते
उस दिल को सलाम…।
जिस किताब को आप पढ़ रहे हैं, वे डायरी में ज़ब्त मेरी कविताएं हैं। इन कविताओं में मेरा दिल धड़कता है। वह दिल, जिसमें अपनों के साथ ढेर सारे सपने और अरमान भी रहते हैं। सपने हर कोई देखता है। वर्तमान और भविष्य के लिए इन्हें संजोता है। किसी के सपने आसमान छूते हैं तो कोई बस अपने हिस्से की जमीन चाहता है। मैंने हमेशा खुद को दूसरी श्रेणी में ही रखा। बस वो मिले, जितना मेरा है। बस वही मेरे पास रहे, जो मैंने मेहनत और ईमानदारी से कमाया है। फिर चाहे वो नाम हो, काम हो या संबंध। बड़े-बड़े अरमान नहीं, बस पूरे हो जाएं मेरे बोनसाई सपने…। उन्हीं बोनसाई सपनों को पूरा करने की चाह और संघर्ष के बीच ये कविताएं उपजीं। ये मेरी पहली अपरिपक्व काव्य कलम है। अच्छी-बुरी, सही-गलत, जरूरी-गैर जरूरी जैसी भी हैं, ये मेरी भावनाएं हैं। ये किताब उस सुकून के नाम है, जो मुझे दिल की कही सुनने और करने पर मिलता है।
(पुस्तक का प्रकाशन उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की प्रकाशन अनुदान योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में किया गया।)






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