Description
लख़नऊ का नाम सुनते ही हमारे सामने जो तस्वीर उभरती है वह नज़ाकत और नफ़ासत से भरे एक ऐसे शहर की है जो अपनी रुमानी तस्वीर को न सिर्फ़ हिंदुस्तान में बल्कि सात समुंदर पार अंग्रेजों के दिलों में भी ज़िंदा रखे हुए है। दिलों में इस ज़िंदा और महफूज़ बची रुमानियत और यादों की मुकम्मल वजह इतिहास में दर्ज़ है और उससे हम सब बेहतर वाकिफ़ भी हैं। लख़नऊ पर लिखी गई यह किताब उन सबके लिए है जिन्होंने इस शहर को बसाया, इसमें बसे और जिनके दिलों में यह शहर बसता है, एक रौशन उम्मीद की तरह धड़कता है। किसी शहर को दस्तावेज में दर्ज़ करने की बुनियादी शर्त यह है कि शहर और तारीख़ दोनों से इश्क़ हो। हमें इन बुनियादी शर्तों के लिए कोई ख़ास मशक्कत इसलिए नहीं करनी पड़ी क्योंकि लख़नऊ हमारी पैदाइश, इल्म और इश्क़ का शहर है। तारीख़ से मोहब्बत कुछ तो बुनियादी इल्म से मिली बाकी पेशागत प्रतिबद्धताओं ने इसमें इजाफा किया। किताब इतिहास के जानकार की बनिस्बत आम पाठक को ध्यान में रखकर लिखी गई है। वास्तव में यह क्रमिक अंतराल पर तीन बरसों तक चलने वाली यायावरी का दस्तावेज है। -नीलिमा पाण्डेय


![Shakti Ke 48 Niyam [Hindi translation of '48 Laws of Power'] By Robert Greene (Hindi) (9788184081039)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788184081039.jpeg)
![Business School [Hindi translation of 'The Business School'] By Robert T. Kiyosaki (9788186775820)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788186775820.jpeg)

![Rich Dad Poor Dad [Hindi translation of 'Rich Dad Poor Dad'] (Hindi) By Robert T. Kiyosaki (9788186775219)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788186775219.jpg)
Reviews
There are no reviews yet.