Description
कण से ब्रह्मांड तक, जीवाणु से जानवर तक, आप से अस्तित्व तक – सबकुछ सायकोलॉजी है!
व्यवसाय से सफलता तक, रिश्तों से खुशियों तक और समस्याओं से समाधान तक – सबकुछ सायकोलॉजी है!
चूंकि इस दुनिया में सबकुछ सायकोलॉजी है, ऐसे में मनुष्य के मन और कुदरत की कार्यप्रणालियों को समझने के लिए सायकोलॉजी का फंडामेंटल ज्ञान होना ही चाहिए। इसके सहारे आप कुदरत समेत मनुष्यों और परिस्थितियों से डील करने हेतु तैयार रहेंगे। साथ ही, सायकोलॉजी का ज्ञान आपको जीवन के हर क्षेत्र जैसे रिश्ते, स्वास्थ्य, करियर, अर्निंग्स, फाइनेंस वगैरह में जीतने हेतु भी सहायक है।
पर दुःख की बात है कि दुनिया में सायकोलॉजिकल ज्ञान के अभाव में आप जीवन बेहतर बनाने हेतु इसका उपयोग ही नहीं कर पा रहे हैं।
कोई बात नहीं!
क्योंकि मशहूर वक्ता, मास्टर ऑफ सायकोलॉजी तथा बेस्टसेलिंग लेखक, दीप त्रिवेदी ने अपनी नई किताब, “सबकुछ सायकोलॉजी है” में सायकोलॉजी के फंडामेंटल्स को अति सरल भाषा में समझाया है जो हर क्षेत्र में कार्यरत सभी उम्र के लोगों को निम्नलिखित बातें सिखाएगी:
-हर चीज और हर व्यक्ति के आर–पार कैसे देखना
-मनुष्यों तथा परिस्थितियों में आ रहे परिवर्तनों से कैसे डील करना
-परफेक्ट सायकोलॉजी में कैसे स्थित होना
-नेचर की सायकोलॉजी से ट्यून्ड होकर कैसे अपना चौतरफा विकास सुनिश्चित करना
बस सायकोलॉजिकल पावर जगाओ और करो दुनिया पर राज!
सबकुछ सायकोलॉजी है मैं मन हूँ, मैं कृष्ण हूँ व 101 सदाबहार कहानियां जैसी कई बेस्टसेलिंग किताबों के लेखक दीप त्रिवेदी की नई किताब है।
यह किताब अंग्रेजी, हिंदी, मराठी व गुजराती में सभी प्रमुख बुक स्टोर्स व ई-कॉमर्स साइट्स पर उपलब्ध है।






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