Description
शरतचंद्र का पहला चर्चित उपन्यास ‘श्रीकांत’ था, लेकिन धारावाहिक रूप में प्रकाशित पहली चर्चित रचना ‘बड़ी दीदी’ थी। इस रचना ने उन्हें प्रतिष्ठित कर दिया। शुरुआत में ही उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। उनके उपन्यास ‘चरित्रहीन’ को ‘सदाचार के विरुद्ध’ कहकर उसे लौटा दिया गया। असल में शरत लीक से हटकर सोचने और लिखनेवाले एक विद्रोही कथाकार के रूप में सामने आए। शरतचंद्र ने 25 उपन्यास, 4 नाटक, 16 कहानी-संग्रह और लगभग एक दर्जन निबंध-संग्रह बांग्ला साहित्य को दिए। वे मूल रूप से बेशक बांग्ला कथाकार थे, लेकिन लगभग सभी भारतीय भाषाओं में उनकी रचनाओं के अनुवाद हुए हैं। हिंदी में तो उनकी रचनाएँ इतनी अनूदित हुईं कि वे हिंदी के ही लेखक लगते हैं।


![21vi Sadi Ka Vyavasay [Hindi translation of 'The Business of the 21st Century'] (Hindi) By Robert T. Kiyosaki (9788183222617)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788183222617.jpeg)



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