Description
स्वामी विवेकानंद ने मात्र ३९ वर्ष के जीवन काल में अपने विचारो से पहली बार सारे संसार की धर्म-सम्बन्धी धारणाओं को न सिर्फ आंदोलित किया,बल्कि उन पर पुनः विचार करने को प्रेरित किया । विवेकानंद ने लोगो को धर्म और अध्यात्म को ऐसे सरल शब्दों में समझाया की लोग सम्मोहित हो उठे ।
विवेकानंद की प्रस्तुत विस्तृत जीवनी से पता चलता है की कैसे एक साधारण और कष्टो भरा जीवन जिकर भी कोई चिंतन और विचार की ऊंचाइयां प्राप्त कर सकता है।



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