Description
‘हिंद स्वराज्य’ में गांधी जी की सत्य के प्रति गहरी निष्ठा के दर्शन होते हैं। इसमें आत्मबल और प्रेम से द्वेष तथा हिंसा जैसे दोषों को दूर करने पर जोर दिया गया है। गांधी जी ने आत्मानुशासन को महत्व दिया। भारतीय सभ्यता को श्रेष्ठ बताते हुए यह समझाने की कोशिश की है कि स्वराज्य की कल्पना बाहय नहीं बल्कि आंतरिक है ।






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