Description
“पुस्तक ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ बस्तर क्षेत्र में माओवाद से उपजी सामाजिक-राजनीतिक त्रासदी का गहन, प्रत्यक्ष और आलोचनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करती है। लेखकद्वय राजीव रंजन प्रसाद और रचना नायडू इस कृति में प्रचलित वैचारिक पूर्वग्रहों से हटकर माओवाद के ऐतिहासिक स्रोतों, उसकी हिंसक कार्यप्रणाली तथा उसके वास्तविक प्रभावों का सूक्ष्म विश्लेषण करते हैं। कृति में स्वतंत्रता-पूर्व और स्वतंत्रता-पश्चात् वामपंथी आंदोलनों, तेलंगाना से लेकर बस्तर तक घटित घटनाओं, चुनावी राजनीति और तथाकथित मानवाधिकार विमर्श की भी विवेचना की गई है।
इस पुस्तक का एक विशेष और महत्त्वपूर्ण पक्ष यह है कि इसमें 75 पूर्व माओवादियों के साक्षात्कार सम्मिलित हैं, जो संगठन के भीतर व्याप्त क्रूरता, वैचारिक असहिष्णुता और विचार-हिंसा को स्पष्ट रूप से उजागर करते हैं। माओवादियों से उनके संगठन से जुड़ने की आयु, शैक्षणिक स्तर, बंदूक थामने के कारणों, संगठन के भीतर कार्य करते समय की मनःस्थिति तथा आत्मसमर्पण के कारणों जैसे पहलुओं पर विस्तार से बातचीत की गई है। पुस्तक यह स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है कि माओवाद किसी आदर्शवादी जन-आंदोलन का रूप नहीं है, बल्कि एक संगठित हिंसक तंत्र बन चुका है, जिसका सबसे बड़ा शिकार वही जनजातीय समाज है, जिसके नाम पर संघर्ष का दावा किया जाता है।”





![21vi Sadi Ka Vyavasay [Hindi translation of 'The Business of the 21st Century'] (Hindi) By Robert T. Kiyosaki (9788183222617)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788183222617.jpeg)
Reviews
There are no reviews yet.