Description
कलाकार और लेखकों से भारतीय जनता की बड़ी अपेक्षाएँ रही हैं। लोकसत्ता समाजवादी राष्ट्र के नाते भारत को खड़ा करने के लिए इन बातों की आवश्यकता भी है, जो आम आदमी के बारे में लिखते हैं, जो आम आदमी की बोली में बोलते हैं, वही सही लेखक होते हैं। दलितों का संघर्ष सांस्कृतिक संघर्ष भी है। दलित आन्दोलक जब प्रस्थापितों के विरुद्ध आन्दोलन करते हैं, उस समय दलित लेखकों को इन कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना चाहिए। उनको प्रेरणा मिले इस पद्धति का लेखन करना चाहिए। मराठी साहित्य में, भारतीय वर्णवादी साहित्य में गम्भीर वैचारिक गलतियाँ हुई हैं। इस बारे में दलित लेखकों को लिखना चाहिए।





![21vi Sadi Ka Vyavasay [Hindi translation of 'The Business of the 21st Century'] (Hindi) By Robert T. Kiyosaki (9788183222617)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788183222617.jpeg)
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