Description
कृष्णा जी की जीवनी लिखी जा रही है,…कृष्णा जी के पाठकों और प्रशंसकों का दायरा इतना विस्तृत है!!!अस्वस्थता के बावजूद अनेक बैठकें उनके घर में, अस्पताल में कृष्णा जी के साथ…और फिर उनके काग़ज़ात और कुछ पांडुलिपियों का एक ज़खीरा…अभी बहुत कुछ ऐसा है जो अनलिखा, अनखोजा, अनपाया रह गया है।






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