Description
आपको जागने, भविष्य के बारे में उत्साहित होने और प्रेरित होकर जीने की आवश्यकता है।
यदि आप सुबह उठते हैं और सोचते हैं कि भविष्य बेहतर होगा, तो यह एक उज्ज्वल दिन है। अन्यथा यह नहीं है।
एक उद्यमी होना काँच खाने जैसा और मृत्यु के बाद अस्थियों को घूरने जैसा दुष्कर काम है।
जो दिख रही है, वह आधी लड़ाई है। आपको इसके लिए कड़ी मेहनत करनी है और विफलता से डरना नहीं है।
ज्यादातर लोग जितना सोचते हैं, उससे कहीं ज्यादा सीख सकते हैं।
नतीजे पर ध्यान केंद्रित न करें, अपने काम पर पूरा ध्यान केंद्रित करें, ताकि प्रत्येक कार्य पूरा हो जाने पर आपको एक कदम आगे बढ़ा दे, भले ही यह एक छोटा कदम हो।
—इसी पुस्तक से




![Shakti Ke 48 Niyam [Hindi translation of '48 Laws of Power'] By Robert Greene (Hindi) (9788184081039)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788184081039.jpeg)

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