Description
लोग सुप्रसिद्ध कथाकार गिरिराज किशोर का चर्चित उपन्यास है। इसमें एक संक्रमणशील समय का अत्यन्त प्रभावी व रोचक चित्रण है। लेखक के शब्दों में, ट्टट्टदेश का स्वतंत्र होना लगभग निश्चित हो गया था। नई सामाजिक प्रवृत्तियाँ और शक्तियाँ अपना स्थान बना रही थीं। उस समय का अभिजात-वर्ग अपने-आपको डूबता हुआ महसूस करने लगा, आर्थिक स्तर पर ही नहीं, सामाजिक एवं मान्यताओं के स्तर पर भी। उस वर्ग से सम्बद्ध हर एक वर्ग के ‘लोग’ अपने-आपको ‘छूट-गया’ हुआ-सा महसूस कर रहे थे। उन लोगों के मन में इस नए परिवर्तन के प्रति अरक्षा, मूल्यहीनता, संस्कार-हीनता, उच्छृंखलता, विघटन आदि सब प्रकार की आशंकाएँ थीं। अंग्रेज़ों का जाना उस ‘पूरे’ वर्ग के व्यक्तिहीन हो जाने की सूचना थी। उनमें से कुछ बदलते हुए सन्दर्भों के अनुरूप अपने को ढाल पाने में असमर्थ रहे। वे ही ‘लोग’ यहाँ हैं।” यह उपन्यास वस्तुत: आत्ममूल्यांकन और सामाजिक विश्लेषण की समेकित प्रक्रिया को रेखांकित करता है। कथारस और पठनीयता के गुणों से ओतप्रोत एक महत्त्वपूर्ण उपन्यास।





![Rich Dad Poor Dad [Hindi translation of 'Rich Dad Poor Dad'] (Hindi) By Robert T. Kiyosaki (9788186775219)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788186775219.jpg)
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