Description
कोई द्रष्टा साहित्यकार जब इतिहास को देखता है तो उसे उसकी समग्रता में दिखाता भी है, और ऐतिहासिक-पौराणिक चरित्रों को आधार बनाकर गुजराती में अनेक श्रेष्ठ उपन्यासों की रचना करनेवाले सुविख्यात उपन्यासकार कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी भारतीय कथा-साहित्य में ऐसे ही द्रष्टा साहित्यकार के रूप में समादृत हैं। कृष्णावतार मुंशी जी की कई खंडों में प्रकाशित और कई भाषाओं मंे अनूदित बृहत् औपन्यासिक कृति है। महाबली भीम इसका चौथा खंड है। महाभारतकालीन योद्धाओं में भीम का चरित्र सर्वाधिक रोमांचक है और इस खंड में उसके विभिन्न आयामों का अविस्मरणीय अंकन हुआ है। यों समूचे उपन्यास की तरह यह खंड भी कृष्ण-सरीखे नीतिज्ञ और महायोद्धा की उपस्थिति से अछूता नहीं है, पर द्रौपदी-स्वयंवर से महाभारत युद्ध-पर्व तक का राजनीतिक परिदृश्य भीम से जिस तरह अनुप्राणित है, उससे उसका रुक्ष और कोमल, विनोदी और गम्भीर तथा सर्वोपरि यौद्धेय स्वभाव मुग्धकारी रूप में सामने आता है। साथ ही तत्कालीन राजनीति को समाज की जिस विस्तृत पटभूमि पर चित्रित किया गया है, उससे पाठक के सामने अनेकानेक सुपरिचित चरित्रों का एक नया ही रूप उद्घाटित होता है और वे अपने साथ जुड़ी तमाम पौराणिकता के बावजूद अपनी ऐतिहासिकता में ज्यादा वास्तविक और विश्वसनीय लगते हैं।.




![Rich Dad Poor Dad [Hindi translation of 'Rich Dad Poor Dad'] (Hindi) By Robert T. Kiyosaki (9788186775219)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788186775219.jpg)

Reviews
There are no reviews yet.