Description
महाकवि शूद्रक द्धारा रचित ‘ मृच्छकटिक’ एक यथार्थवादी नाटक है । मृच्छकटिक का अर्थ है ‘मिटटी की गाडी’ । सारा नाटक मिटटी की गाडी पर केन्दित होने के कारण लेखक ने इसी पर नाटक का नामकरण कर दिया । नाटक में यथार्थ जीवन की गतिशीलता एवं रसमयता है । भाषा सरल व नाटक के पात्रों के अनुकूल है । अभिनय की ट्टष्टि से यह नाटक सर्वथा उपयुक्त है इसीलिए इसका रंगमंच पर सर्वाधिक मंथन हुआ है । यहीं तक कि यह नाटक फिल्म निर्माताओं के आकर्षण से भी नहीं बच सका और इस पर एक फिल्म भी बन चुकी है ।




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