Description
मध्यकालीन भारत के इतिहास को समझने के लिए बेहद ज़रूरी पुस्तक-श्रंखला | हुमायूँ से सम्बन्धित फारसी स्रोतों का अनुवाद ‘मुगलकालीन भारत’ भाग-1 और भाग-2 में प्रकाशित किया गया है। इन दोनों भागों में भी पूर्व ग्रन्थों की भाँति हुमायूँ के समकालीन फारसी स्रोतों का हिन्दी भाषान्तर प्रस्तुत किया गया है। प्रथम भाग में जिन इतिहासकारों के ग्रन्थों के हिन्दी अनुवाद सम्मिलित किए गए हैं, उनमें मुख्य हैं: ख़्वन्द मीर का ‘कानूने हुमायूँनी’, मिर्जा हैदर का ‘तारी$खे रशीदी’, मीर अल्ला उद्दौला का ‘नफायसुल मआसिर’, गुलबदन बेगम का ‘हुमायूँनामा’ एवं शेख अबुल फज़ल का ‘अकबरनामा’ आदि। यही नहीं, डॉ. अतहर अब्बास रिज़वी ने हुमायूँ के इतिहास से सम्बन्धित अफगान स्रोतों को भी इस भाग में सम्मिलित किया है। कुछ ग्रन्थों के अनुवाद मूल पाठ में न देकर पादटिप्पणियों में सम्मिलित कर लिए गए हैं। इन ग्रन्थों के अनुवादों के कारण ग्रन्थ की उपादेयता में वृद्धि हो गई है। जिन ग्रन्थों के संक्षिप्त अनुवाद किए गए हैं उनका अनुवाद करते समय इस बात का प्रयत्न किया गया है कि कोई भी महत्त्वपूर्ण घटना अथवा सांस्कृतिक, सामाजिक एवं आर्थिक महत्त्व की बात छूटने न पाए। अन्य ग्रन्थों की तरह यह ग्रन्थ भी हुमायूँकालीन इतिहास के अध्ययन के लिए अत्यन्त उपयोगी है विशेषत: उनके लिए, जो फारसी से अनभिज्ञ हैं लेकिन इस काल पर शोध करना चाहते हैं, उनको एक ही स्थान पर सम्पूर्ण सामग्री उपलब्ध हो जाती है।



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