Description
नदी की तलाश में – उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद के दुदही विकास खण्ड स्थित करमैनी झील से निकलकर बिहार के गोपालगंज जनपद के भोरे ब्लॉक के भोपतपुरा के पास स्याही नदी देवरिया के बनकटा ब्लॉक के खेमिपुर गाँव में प्रवेश करती है। लगभग 20 किलोमीटर बहने के बाद आगे बिहार के सीवान जिले के मैरवाँ रेलवे स्टेशन के पास यह झरही नदी में मिल जाती है जो अन्ततः घाघरा नदी में मिल जाती है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यावरण निदेशालय से स्याही नदी की स्थिति का आकलन करने के लिए अपर जिलाधिकारी, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई, अधिशासी अभियन्ता जल निगम और प्रभागीय निदेशक वन एवं पर्यावरण को सदस्य नामित करने हेतु जिलाधिकारी देवरिया को पत्र निर्गत हुआ। जनपद के अधिकारियों द्वारा मनरेगा योजना के तहत इस नदी को पुनर्जीवित किये जाने का निर्णय लिया गया। लेखपालों की टीम लगाकर नदी बहाव क्षेत्र में स्थित भूमि और मानचित्र को अंकित कराया गया। राजस्व रिकॉर्ड एकत्र कर उनका उर्दू से हिन्दी में अनुवाद भी कराया गया जिसमें मात्र 18 एकड़ जलमग्न भूमि दर्ज है और शेष में काश्तकारों के नाम दर्ज पाये गये।






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