Description
पाशुपत ज्ञान महादेव जी पशुपति कैसे हुए? पशु कौन कहलाते हैं, वे पशु किन पाशों से बाँधे जाते हैं और कैसे मुक्त होते हैं? संसार के वशवर्ती चराचर प्राणी सब भगवान शिव के पशु कहलाते हैं और उनके पति होने के कारण देवेम्र शिव को पशुपति कहा गया है। इन जीव (पशुओं) को बाँधने वाले पाश विषय और माया हैं। इन पाशों द्वारा ब्रह्म से लेकर कीट पर्यंत समस्त पशु को बाँधकर ×ह्मðन्म्Úन् पशुपति देव जीवन चलाते हैं। शिव की आज्ञा सम्पूर्ण देवताओं के लिए ञश्ल्न्त्त्ध्क्र है। उसी से प्रेरित होकर देवराज इंद्र देवताओं का पालन, दैत्यों का दमन और तीनों लोकों का संरक्षण करते हैं। वरुण देव सदा जल के पालन और संरक्षण का कार्य संभालते हैं। भगवान शंकर की आज्ञा के बल से यहाँ पृथ्वी, मेघ, समुद्र, नक्षत्रगण इंद्रादि देवता स्थावर प्रग्× अथवा जड़ और चेतन सबकी स्थिति है। षिव पुराण




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