Description
तुलसीदास हिन्दी ही नहीं, समस्त भारतीय भाषाओं की विशिष्ट काव्य प्रतिभाओं में एक थे। तुलसीदास के लगभग ग्रन्थ रामकथा पर आश्रित हैं। उनके लिए ये धार्मिक या गहरी आस्था का मसला हो सकता है लेकिन आज का बौद्धिक और तुलसीदास का गंभीर अध्येता, उनके साहित्य को धार्मिक या भक्तिपरक संदर्भों में ही देखेगा। ‘तुलसीदास का स्वप्न और लोक’ भी ऐसी ही पुस्तक है।






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