Description
यह पुस्तक प्रेमचन्द पर ही नहीं, मानवीय संवेदनाओं और मूल्यों पर लिखी कुछ उन गिनी-चुनी पुस्तकों में से हैं, जिसको पढ़ना हर एक के लिए अनिवार्य होना चाहिए। यह पुस्तक प्रेमचन्द का एक सटीक विश्लेषण ही नहीं, हमारे समाज और आत्मा पर एक गहरा चिंतन है। अपने उज्ज्वल प्रकाश से यह कृति मूल्यों को केंद्रित करती है।






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