Description
नमक का दारोग़ा एक ऐसे कर्तव्यनिष्ठ सिपाही मुंशीधर की कथा है, जिसे अलोपीदीन ने हजारों रूपए की रिश्वत की पेशकश की, लेकिन पिताजी के उपदेशों से प्रभावित इस युवक ने रिश्वत लेने से मना कर प्रतिष्ठित व्यक्ति को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। इसी के साथ इस संग्रह में प्रेमचंद की अन्य कुछ कहानियां भी दी गई हैं, जो प्रेरक, रोचक, मनोरंजक और अनुकरणी हैं।.



![Business School [Hindi translation of 'The Business School'] By Robert T. Kiyosaki (9788186775820)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788186775820.jpeg)


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