Description
अज्ञात महात्मा प्रसंग तथा पं० गोपीनाथ कविराज पत्रावली का द्वितीय भाग सहृदय पाठकगण के लाभार्थ प्रस्तुत है। इसके प्रथम भाग में जिस प्रकार से कालक्रम से अज्ञात हो चले महात्माओं के जीवन पर ङ्क्षकचित प्रकाश प्रक्षेपण किया गया था, वही प्रयास इस द्वितीय भाग के संयोजन में भी किया गया है। यह इन भगवत्स्वरूप महात्माओं की कृपा से ही सम्भव हो सका है। इस भाग में भक्त प्रवर बालकदास, गोस्वामी गोपाल भट्ट, सूफी सन्त सरमद, बाबा लाल दयाल, महासाधक देवानन्द, सन्त दुलाल तथा माता यशोरेश्वरी के जीवनवृत्त पर यथासाध्य आलोकपात करने का प्रयत्न किया गया है।
इस ग्रन्थ के रचनाकाल में बंगाल से स्वनामधन्य महामहोपाध्याय गोपीनाथ कविराज के कुछ और पत्रों तथा उपदेशों का महत्त्वपूर्ण संकलन भी प्राप्त हो गया था, उसको भी पत्रावली खण्ड के रूप में इस ग्रन्थ से सम्बद्ध कर दिया गया है। साथ ही गुरुगण के श्रीमुख से लेखक को जो प्रसंग सुनने का सौभाग्य मिला था उन अश्रुतपूर्व प्रकरण को लिपिबद्ध करके ग्रन्थ के स्वानुभूति-तत्त्व खण्ड के रूप में योजित किया गया है। सुविज्ञ भावुकगण इसमें अवगाहन करके प्रबोधलाभ करें। इसका जीवनी-खण्ड भक्तिभाव- धारा रूप है। पत्रावली-खण्ड कर्मधारा रूप है तथा स्वानुभूति-तत्त्व खण्ड ज्ञानधारा रूप है। भक्ति, कर्म तथा ज्ञान की यह त्रयी प्रत्येक पाठक को उस अगम पथ पर पथ प्रदीप बनकर मार्गदर्शन करे यही कामना है।




![Business School [Hindi translation of 'The Business School'] By Robert T. Kiyosaki (9788186775820)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788186775820.jpeg)

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