Description
आज पूरी दुनिया 5000 वर्षों से भी अधिक पुराने भारतीय ग्रन्थ एवं आयुर्वेद के गुण गा रही है! शाकाहार आज पश्चिमी जगत में एक नया ट्रेंड बन रहा है। अमेरिका में हल्दी के कैप्सूल बिक रहे हैं। हमारे मसालों में छिपे सेहत के गुण, खाने का उचित समय, मौसमी सब्जी की उपयोगिता, दाल-चावल सम्पूर्ण प्रोटीन है, ये कुछ ऐसी बातें हैं, जिसे आज का विज्ञान भी मानता है। शुचि जी की ये पुस्तक स्वाद, सेहत और शाकाहारः आयुर्वेद से आज तक आपसे कहती है कि अपने घर की रसोई में झाँकिए। देखिये तो वहाँ क्या है? भारतीय रसोई में पाक-कला का खजाना है, पारंपरिक व्यंजनों को नया रंग दीजिये! अष्टाङ्गहृदयम् और चरक संहिता समेत अनेक ग्रंथों से सीधे सरल शब्दों में आयुर्वेद की जानकारी निकाल कर और आज के विज्ञान को साथ लेकर, इन दोनों के अनुसार अपने घर में उपलब्ध तमाम सामग्रियों से सेहत-भरा स्वादिष्ट भोजन कैसे बन सकता है, लेखिका ने इसकी विस्तृत जानकारी दी है। कच्चा खाना और पक्का खाना क्या है? खाने की तासीर क्या होती है? तेल कौन सा अच्छा होता है? आपके लिए किस प्रकार का भोजन ठीक है? मधुमेह के लिए कौन सा भोजन ठीक है? इस पुस्तक में ये सारी जानकारियाँ भी उपलब्ध हैं। रोज का खाना हो या फिर तीज त्यौहार का- स्वादिष्ट भोजन, अल्पाहार, मिठाइयाँ और पेय कैसे बनाएँ कि स्वाद के साथ सेहत भी बनी रहे, ऐसी तमाम जानकारियाँ समेटे है यह पुस्तक!


![Shakti Ke 48 Niyam [Hindi translation of '48 Laws of Power'] By Robert Greene (Hindi) (9788184081039)](https://universalbooksellers.com/wp-content/uploads/2019/01/9788184081039.jpeg)



Reviews
There are no reviews yet.