Description
‘‘हाँ, तो सर।’’ थोड़ा रुककर वह आदमी बोला, ‘‘उसके बाद मैंने जर्मनी, रूस, स्पेन की लड़ाइयों में हिस्सा लिया। मैं अपने शरीर को लेकर हर जगह घूमा, परंतु मरुस्थल जैसा स्थान कहीं नहीं देखा। वह स्थान सर्वोत्कृष्ट है। वहाँ पर भगवान् रहता है, इनसान नहीं। —मरुस्थल में हालात से मजबूर होकर चोर बनानेवाला क्लाड ग्यूकस एक ईमानदार कारीगर था। उसका तेजस्वी चेहरा, ऊँचा माथा, मस्त की गहरी रेखाएँ, काले बाल, जिनमें कहीं-कहीं सफेदी दिखाई देने लगी थी, सहृदयता से परिपूर्ण वे जगमग करती आँखें आप्त सम्मान से भरपूर दृढ निश्चय की परिचायक थीं। बहुत कम बोलता था। उस व्यक्ति में निश्चय ही आत्मगौरव था। —चोरों का सरदार सामंत तथा सेसिल के यहाँ एक प्यारी, नन्ही बिटिया ने जन्म लिया। आरंभ में माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, परंतु किस्मत में कष्टदायी संघर्ष लिखा था। जल्दी ही उन्हें पता चल गया था कि उनकी बेटी ‘कैमिल’ बहरी व गूँगी है। —कैमिल फ्रांस के प्रसिद्ध कथाकारों हानर-द-ब्लाजाक, विक्टर ह्यूगो, अल्फे्रड-द-मसेट, लूडोविक हेवेली, लियो लेपे, अल्फोंसे डाडेट, एमिल जोला इत्यादि की लोकप्रिय कहानियों का संकलन। ये पठनीय कहानियाँ मानवीय संबंधों, संवेदना और सरोकारों की झलक देती हैं|



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