Description
कथा-सरित्सागर संसार भर के कथा-साहित्य का आदिस्त्रोत है। शेक्सपियर, गेटे बोकेशियो आदि ने जाने कितने सुख्यात विदेशी कथाकारों ने इसी की कथा-कहानियों से अपनी कृतियों की मूल प्रेरणा ग्रहण की है।
और ‘सागर’ की कथावस्तु भी क्या है! सभी तरह की कथा-कहानियों का एक सागर है, जिसमें छोटी-छोटी कथाओं की न जाने कितनी सरिताएँ और धाराएँ मिलती जाती हैं। इसमें लोककथाएँ हैं, ऐतिहासिक गाथाएँ हैं, पौराणिक वार्ताएँ है, शिक्षा की कहानियाँ हैं, नीति की, बुद्धिमानी की, मूर्खता की, प्रेम की, विरह की, स्त्री-चरित्र की, गृहस्थ-जीवन की भाग्य-चक्र की-संक्षेप में जीवन के हर पहलू से संबंध रखनेवाली कहानियाँ हैं और ऐसी रोचक और मनोरंजक, सरस और मधुर कि एक बार आरंभ करने पर पुस्तक बंद करने को मन नहीं करता।
‘कथा-सरित्सागर’ संस्कृत के महाकवि सोमदेव भट्ट की अमर कृति है।
प्रस्तुत पुस्तक उसी को हिंदी रूपांतर है।






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