Description
यह संकलन विज्ञान, विज्ञान शिक्षा और समाज से जुड़े कुछ महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर केन्द्रित है। यह इस विषय पर आयोजित सेमिनार श्रृंखला ‘शिक्षा के सरोकार’ की दूसरी कड़ी में प्रस्तुत पर्चों में से चयनित पर्चों का पहला खण्ड है। यह संकलन व सेमिनार अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के सरोकारों को ज्यादा-से-ज्यादा लोगों के साथ साझा करने और उनके साथ निरन्तर संवाद स्थापित करने की पहल का हिस्सा हैं ।
इस संकलन में तीन विषय क्षेत्रों-विज्ञान और भाषा विज्ञान, वैज्ञानिक चेतना, सामाजिक न्याय व समानता; तथा विज्ञान शिक्षण और शोध के पर्चे शामिल हैं। यह सभी पर्चे विज्ञान के समाज के साथ रिश्ते व उसके शिक्षण के पहलुओं पर केन्द्रित हैं। कुल मिलाकर 17 पर्ची वाले इस संकलन में ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे ● शिक्षाकर्मियों के अलावा अन्य संस्थानों में पढ़ा रहे व शोध कर रहे अध्येताओं की सक्रिय भागीदारी है। दूसरे अर्थों में संकलन इन सभी के बीच संवाद का नतीजा है व इस संवाद को आगे बढ़ाने का प्रयास भी।
इस प्रयास के माध्यम से यह कल्पना है कि स्कूल से सीधे जुड़े हुए शिक्षक व अन्य कार्यकर्ता अपने अनुभवों पर मनन व चिन्तन करें, उन्हें ज़्यादा बारीक़ी से और व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखें व उनका गहराई से विश्लेषण कर अपने ज्ञान को बढ़ाएँ । अपने द्वारा खोजे गये ज्ञान, सीख व समझ को औरों के सामने रखें ताकि उस पर व्यापक चर्चा हो सके और वह व्यापक ज्ञान का हिस्सा बन सके।
सेमिनार और प्रकाशन की इस पहलकदमी का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में नये अनुभवों से गुजर रहे लोगों की अभिव्यक्तियों और संवेदनशीलताओं को शामिल करने के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करना है।






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